Friday, 16 March 2018

निदाहास ट्रॉफी : टीम इंडिया फाइनल में ये पांच काम कर पाई, तो जीत होगी पक्की

रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने अपने चार लीग मैचों में से तीन में जीत हासिल कर निदाहास ट्रॉफी टी-20 ट्राई सीरीज के फाइनल में प्रवेश कर लिया है। अब 18 मार्च को खिताबी मुकाबला होना है। श्रीलंका के खिलाफ पहला लीग मैच हारने के बाद भारत ने जोरदार वापसी की है और अपने विपक्षियों को कोई खास मौका नहीं दिया है। अब भारतीय खिलाड़ियों की नजर खिताब जीतने पर है। हालांकि, इसके लिए उसे फाइनल में इन पांच बातों पर ध्यान देना होगा।
1. कप्तान रोहित शर्मा को कायम रखनी होगी लय

टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी लीग मैच में 89 रनों की शानदार पारी खेली थी। वे इस मैच से पहले लय में नहीं थे। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रोहित ने इससे पहले पिछली तीन पारियों में कुल 28 रन ही बना पाए थे। अब रोहित फॉर्म में आ चुके हैं तो उन्हें यह लय फाइनल में भी बरकरार रखनी होगी। रोहित की अच्छी पारी का मतलब है भारत का विशाल स्कोर। लक्ष्य का पीछा करते समय भी अगर रोहित अच्छा खेल पाए तो भारत का आधा काम आसान हो जाएगा।
2. मिडिल ऑर्डर को दिखाना होगा दम

रोहित शर्मा और शिखर धवन ओपनिंग के लिए आते हैं। इसके बाद सुरेश रैना नंबर तीन पर बल्लेबाजी करते हैं। लेकिन, इन टॉप-3 क्रम पर आने वाले बल्लेबाजों को छोड़ दिया जाए तो भारत का मिडिल ऑर्डर इस टूर्नामेंट में कोई खास कमाल नहीं दिखा पाया है। हालांकि, यह भी सच है कि मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों को विशेष मौका नहीं मिला है। मनीष पांडे ने 106 रन जरूर बनाए हैं, लेकिन उन्हें भी आखिरी ओवरों में कुछ अधिक तेजी दिखानी होगी। दिनेश कार्तिक को पांडे से ऊपर भी भेजा जा सकता है।
3. तेज गेंदबाजों को दिखानी होगी कंजूसी

टूर्नामेंट में भारतीय स्पिनरों ने तो अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन तेज गेंदबाजों ने खूब रन लुटाए हैं। शार्दुल ठाकुर ने 8.45 रन प्रतिओवर, जयदेव उनादकट ने 10.60 रन प्रति ओवर और मोहम्मद सिराज ने 12.50 रन प्रति ओवर की दर से रन दिए हैं। तेज गेंदबाजों की ऐसी दरियादिली फाइनल में भारतीय टीम पर भारी पड़ सकती है।
4. पावर प्ले में करनी होगी अच्छी गेंदबाजी

श्रीलंका के खिलाफ पहले मैच में पावर प्ले में भारत ने छह ओवर में 75 रन दे दिए थे। बाद के मैचों में प्रदर्शन में सुधार हुआ। यह ध्यान देना होगा कि फाइनल में भी पहले मैच वाली गलती न हो जाए। प्रेमदासा स्टेडियम की बाउंड्री काफी छोटी है और तेज गेंदबाजों के लिए पिच में कोई मदद है नहीं। लिहाजा, पावर प्ले में रनों का बहाव रोकना सभी कप्तानों के लिए मुश्किल चुनौती है। देखना है कि रोहित इस चुनौती से कैसे निबटते हैं।
5. टॉस जीतो तो फील्डिंग करो

टॉस जीतना या हारना किसी कप्तान के हाथ में नहीं है। लेकिन, अगर रोहित फाइनल मुकाबले में टॉस जीतते हैं तो उन्हें फील्डिंग करनी चाहिए। टूर्नामेंट के पहले चार मुकाबलों में पहले फील्डिंग करने वाली टीम जीती है। पांचवें मैच में भारत ने पहले बैटिंग करने के बावजूद बांग्लादेश को हराया। हालांकि, इस मैच में भी मुशफिकुर रहीम एक समय टीम इंडिया के लिए चुनौती बनते नजर आ रहे थे।

No comments:

Post a Comment